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स्पीकर स्थानन: स्टूडियो मॉनीटर्स के लिए कुछ सबसे बढ़िया स्थान

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Difficulty:BeginnerLength:ShortLanguages:

Hindi (हिंदी) translation by Dee.P.Tree (you can also view the original English article)

मिक्सिंग प्रक्रिया यानि की संगीत की अलग-अलग आवाज़ों का सर्जनात्मक तरीके से मिश्रण करना आसान नहीं है। इस तथ्य के बावजूद, मुझे यकीन है कि आप शायद इसको अपने लिए एक से ज्यादा तरीकों से और भी मुश्किल बना रहे है।

आजकल पेशेवर इंजीनियर्स के लिए छोटे घर या प्रोजेक्ट यानि की परियोजना स्टूडियोज़ में पूरी तरह 'इन-द-बॉक्स' तरीके से मिक्सिंग की प्रक्रिया करना आम हैं। कुछ प्रसिद्ध इंजीनियर्स भी हेडफोन से सक्रिय तरीके से मिक्सिंग करते हैं।

इस स्तर का आत्मविश्वास विकसित करने के लिए बहुत समय लग जाता है। बेशक, किफायती उपकरण और ना के बराबर अकौस्टिक ट्रीटमेंट यानि ध्वनिक उपचार के साथ एक आदर्श-से-कम कमरे में पेशेवर, रेडियो-योग्य मिक्स यानि की संगीत बनाना पूरी तरह से संभव है।

उस स्थिति तक पहुँचने के लिए आपको शायद सालों लग जायेंगे। 

इसके बजाय, जैसे जैसे आप सीखते जाते है, आप को सुनने का एक ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जो आपको अपने कौशल को सुधारने में सहायक बने। इसके लिए मिक्सिंग-कक्ष अकौस्टिक्स यानि ध्वनिकी की कुछ जागरूकता की आवश्यकता है। हालांकि प्रोफेशनल अकौस्टिक ट्रीटमेंट यानि पेशेवर ध्वनिक उपचार के लिए एक बड़े बजट की आवश्यकता नहीं है।

आप देखिये, आप अपने मॉनिटर स्पीकर्स पूरी तरह गलत जगह पे स्थानित कर सकते हैं। 

स्टूडियो सेटअप में अन्य कारक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सिर्फ स्पीकर्स का स्थान बदलकर आप एक अधिक सटीक सुनने का माहौल बना सकते है।

इसके पीछे बहुत जटिल विज्ञान है, लेकिन इस मार्गदर्शिका में मैं इसे सरल रखूँगा और आपको कुछ व्यावहारिक दिशा-निर्देश दूंगा जो आपके मिक्सिस में एक बड़ा फर्क ला देगा।

अपूर्णता को अपनाइए

कोई कक्ष परिपूर्ण नहीं है। यहां तक कि विशेष रूप से तैयार किये हुए पेशेवर स्टूडियो में भी समझौता करना पड़ता हैं। ये मार्गदर्शिका जो मैं आपके साथ साझा कर रहा हूँ शायद ही कभी एक बार में सभी तरह से निभाई जा सकती है।

इसके बजाय, इन आचार तरीकों में से ज्यादा से ज्यादा को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करें। अगर आप उन सब को एक साथ पूरा नहीं कर सकते हैं तो परेशान या निराश न हो जाए। आप फिर भी आदर्श-से-कम व्यवस्था में रेडियो-योग्य संगीत मिक्स और प्रोड्यूस करना सीख सकते हैं  ...यह सिर्फ थोड़ा और अधिक मुश्किल हो सकता है।

जितना बदतर सुनने का वातावरण उतना ही अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है आपके मिक्सिस को पेशेवर रिलीज़ यानि की प्रकाशन से तुलना करना और मिक्सिस को कई स्पीकर सिस्टम पर परीक्षण करना।

स्पीकर और सुनने के स्थान के दिशा-निर्देश 

१. अपने सिर और स्पीकर्स  के बीच समभुज त्रिकोण बनाएं

यह शायद सबसे महत्वपूर्ण नियम और लागू करने में सबसे आसान है। ज्यादातर स्टूडियो मॉनीटर्स के पास 'स्वीट स्पॉट' रहे इस तरीके से बनाया जाता है, 'स्वीट स्पॉट' एक छोटा सा क्षेत्र है जहां आपका सिर सबसे अच्छा टोनल यानि की तानवाला संतुलन में होना चाहिए।

अपने सिर और स्पीकर्स के बीच एक समभुज त्रिकोण बना कर, आप स्वीट स्पॉट में आ जायेंगे। दूसरे शब्दों में, स्पीकर्स के बीच की दूरी अपने सिर और प्रत्येक स्पीकर्स के बीच की दूरी के समान ही होना चाहिए। इसलिए, स्पीकर्स एक दूसरे से जितने दूर हैं, उतना आपको अपने आप को स्पीकर्स से पीछे स्थित करना चाहिए।

Creating a triangle between your head and the speakers
अपने सिर और स्पीकर्स के बीच त्रिकोण बनाने की विधि

२. कक्ष के बिल्कुल मध्य से न सुने 

यह एक और आम गलती जिसको ठीक करना आसान है। कुर्सी, और इसलिए कान, को आपकी सामने और पीछे की दीवालों के बिल्कुल आधे अंतर पर रखने से बचें।

यदि आप करते हैं, तो आप को बैस यानि की कम आवृत्ति की आवाज़ गवाने का नुकसान भुगतना होगा। ये सही नही है। आपको स्पष्ट रूप से मिक्स का लौ एन्ड यानि की कम आवृत्ति की आवाज़ सुनना जरुरी है, क्योंकि ये वह जगह हैं जहां सबसे अधिक समस्याएँ होती हैं। मिक्स जरुरत से ज्यादा बैस वाला और मड्डी यानि कर्दममय होकर रह जा सकता हैं।

यह फर्श और छत के बीच की दूरी पर भी लागू होता है। अपनी कुर्सी की ऊंचाई को इस तरह से समायोजित करें की आपके कान इन दोनों के ठीक बीच में स्थित न हो रहे हो।

कमरे की चौड़ाई इस नियम के लिए एक अपवाद है। सटीक स्टीरियो यानि की त्रिविमेक्ष छवि पाने के लिए बाईं और दाईं ओर की दीवारों के बीच बिल्कुल आधे रास्ते स्थित होना सबसे अच्छा है।

३. कमरे में आधे से अधिक अंतर से न सुनें

इसी तरह से, अगर पिछले नियम का पालन करते हैं तो इसका मतलब है कि आप को कमरे में आधे से अधिक दुरी पर अपने सिर को स्थित करना चाहिए, तो आप को कमरे में फेरबदल करना पड़ सकता है। अगर आप आप के सामने की दीवार की तुलना में आप के पीछे की दीवार के करीब हैं, तो पीछे की दीवार से रेफ्लेक्शन्स यानि की ध्वनि प्रतिबिंब मसलों की एक सरणी पैदा करने का कारण बन सकते हैं।

Dont go over halfway across the length of the room
कमरे की लंबाई की आधी दुरी के पार पर मत जाइए

४. स्पीकर्स को दीवार से दूर स्थित करें 

मुझे यहाँ स्पष्ट करने की जरूरत है, क्योंकि एक आम गलतफहमी है कि आपके स्पीकर्स दीवार से जितने हो सके उतने दूर होने चाहिए। यह सही नहीं है। मॉनीटर्स के पीछे की दीवार से आ रहे ध्वनि-प्रतिबिंब कोंब फ़िल्टरिंग का कारण बनेंगे और इसका परिणाम यह होगा की कुछ फ्रेकवेंसी यानि की आवृत्तियों को पूरी तरह से गायब कर देंगे।

इसके बजाय, स्पीकर्स और दीवार के बीच न्यूनतम दूरी के लिए मैन्युअल यानि नियमावली या निर्माता के दिशा-निर्देशों की जाँच करें और इस दूरी का उपयोग करें। यह शायद ३० सेमी (१२ इंच) के कम रहेगा। 

अब, स्पीकर्स को दीवार इतने नज़दीक रखने का परिणाम यह होगा की बैस की मात्रा में हलकी सी बढ़ौती मिलेगी। अगर मॉनीटर्स पे लौ एन्ड यानि कम आवृत्ति की आवाज़े कम करने का कंट्रोल यानि की नियंत्रण स्विच हैं, तो इस सुविधा का उपयोग करें। यदि नहीं, तो आप रूम करेक्शन यानि की कक्ष के अनुरूप सुधार करने वाला सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं या अपने मिक्स में ही इसका समाधान करें।

बैस की मात्रा में यह वर्धन कोंब फ़िल्टरिंग से बेहतर है जो कि आपके स्पीकर्स को दीवार से ओर दूर रखने की वजह से हो सकता है।

५. साइड यानि पास की दीवारों के बिच की दुरी और सामने की दीवार से दूरी के बराबर नहीं होना चाहिए

यह आपके स्पीकर्स  की स्थिति को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, यदि मॉनिटर स्पीकर और स्पीकर के पीछे की दीवार के बीच ३० सेमी की खाली जगह है, तो स्पीकर के साइड और साइड दीवार के बिच खाली जगह ३० सेमी नहीं होना चाहिए।

अगर ये दूरी बराबर हैं, तो स्टैंडिंग वेव्स यानि खड़े तरंग आपके कमरे के लौ एन्ड में रैंडम पिक्स यानि यादृच्छिक चोटियों में वर्धन का कारण बनेंगे।

Make sure these distances arent equal
सुनिश्चित करें कि ये दूरियां समान नहीं हैं। 

६. बड़े कमरे में, सबसे लंबी दीवार का उपयोग करें

यह नियम केवल बड़े कमरों के लिए लागू होता है, जहां स्पीकर्स और कुर्सी को सबसे लंबी दीवार के साथ, सामने और पीछे की दिवार के बिच का अंतर आधे से ज्यादा न होते हुए, स्थित करना संभव है। सुझाव दो और तीन का संदर्भ लें।

Dont use the long wall in a narrow room
संकीर्ण कमरे में लंबी दीवार का उपयोग न करें

खुद को बड़े कमरे में सबसे लंबी दीवार के साथ स्थित करने का लाभ यह है की साइड यानि की पास की दीवारों से प्रथम रेफ्लेक्शन्स यानि ध्वनि-प्रतिबिंब मात्रा में कम हो जाते हैं, जैसे वे आगे बढ़ते जाते हैं।

In this situation the long wall would be preferable
इस स्थिति में, लंबी दीवार बेहतर रहेगी। 

७ . स्पीकर्स को कान के स्तर पर स्थित करें

जैसे कि पहले उल्लेख किया, ज्यादातर स्पीकर्स के पास एक स्वीट स्पॉट रहता है। यह स्वीट स्पॉट केवल तभी काम करता है जब स्पीकर्स आपके कान की दिशा में अंदर की ओर मुड़े हुए हो।

Point the speakers towards your ears
स्पीकर्स को आपके कान की ओर मुह करके लगाएं 

इसके अलावा स्पीकर्स के ऊर्ध्वाधर कोण पर ध्यान दें। अगर स्पीकर्स कान के स्तर पर स्थित नहीं हैं, उन्हें ऊपर या नीचे तदनुसार कोण पर रखें।

निष्कर्ष

ध्यान रखें कि कमरे में ठीक से स्थित स्पीकर्स और सुनने की स्थिति अधिक सटीक मिक्सिंग माहौल बनाने की दिशा में एक लंबा रास्ता तय करा सकते हैं।

कमरे फेरबदल करने के लिए जरा भी खर्च नहीं लगता है, तो इन प्रत्येक दिशा-निर्देशों के बारे में सोचने के लिए समय खर्च करना उचित है। विचार करिए की आप कैसे इन सुझावों का उपयोग कर मिक्सिंग कक्ष को योजित या फिर से संगठित करने में सक्षम बन सकते है।

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